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Showing posts from August, 2025

बाबा मेरे घर लौटने की गुंजाइश को बनाए रखिएगा

  हम सब जो अपनी जिंदगी में पेरेंट्स बनते हैं और पेरेंट्स बनकर जब हम रिश्तों की और मोहब्बत की बारहखड़ी को समझते हैं। उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बच्चे हमारी मोहब्बत तो होते ही हैं लेकिन वो हमारी जिम्मेदारी भी होते हैं। उन्हें अच्छा पढ़ाना लिखाना , उनकी फीस देना। उनके लिए कौन सा कॉलेज सही रहेगा और नहीं हम इन बातों में उलझे रहते हैं। हमें मज़ा भी आता है। कोई हमसे कुछ कहता नहीं है लेकिन कहीं ना कहीं हम अपने बच्चों की खुशी में ही खुशियां ढूंढने लगते हैं। और जब बात उनकी शादी की होती है तो वो चीज हमें एक पेरेंट होने के नाते यह अहसास करा देती है कि बच्चे अब बड़े हो गए और हम जिम्मेदारी से मुक्त हो गए। लेकिन शायद यहीं हम कुछ चूक जाते हैं। उनका परिवार है चाहे बेटा हो या बेटी हम सब इस बात को समझते हैं कि बच्चों की शादी हो जाती है तो वो बड़े हो जाते हैं। वो अपने बच्चों के साथ आगे बढ़ते हैं और उन्हें इस तरह बढ़ता हुआ देखना हमें पसंद होता है। लेकिन बच्चों को इस बात का अहसास कराइए कि आप उनके लिए हमेशा हैं। अगर वो परेशान हैं तो आपके साथ अपनी तकलीफें वो जब चाहें तब साझा कर सकते हैं। ऐसा न...

आर्यन खान हैं पिता शाहरूख की तरह ही बातों से दिल जीतने में माहिर

  बॉलीवुड के किंग खान सदियों से न सिर्फ पर्दे पर बल्कि लोगों के दिलों पर भी राज करते आ रहे हैं। इसकी वजह सिर्फ उनकी अदाकारी ही नहीं है। उनकी शख्सियत के लोग दीवाने हैं। फिर चाहे वो उनका बात करने का अंदाज़ हो या फिर लोगों के साथ उनका बर्ताव। बॉलीवुड में चाहे वो कोई सपोर्टिव कलाकार हो या बड़ा कलाकार सभी शाहरूख के अदब और सलीके के क़ायल हैं। यही झलक उनके बेटे आर्यन में भी देखने को मिली। आर्यन अपनी आने वाली वेब सीरीज ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के प्रीव्यू के मौके पर पहली बार मीडिया से रूबरू हुए। पहले इवेंट में ही वे न सिर्फ मीडिया बल्कि प्रीव्यू में शामिल सभी लोगों पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। आर्यन की वेब सीरीज के प्रीव्यू में जहां बड़े-बड़े सितारे उनकी काबिलियत के कसीदे गढ़ते थक नहीं रहे थे , वहीं आर्यन विनम्रता से अपनी कमियों के साथ लोगों से उनकी गलतियों को अनदेखा करने की गुज़ारिश कर रहे थे। आइए जानते हैं किंग खान के बेटे आर्यन में आखिर क्या समानता देखने को मिली। पिता की तरह ही ह्यूमर के साथ माहौल बनाने में हैं माहिर शाहरूख खान जब भी किसी इवेंट की कमान संभालते हैं , उनके ह्यूमर से उस इवेंट...

हो जाइए तैयार, आ रहा है टीवी का कंट्रोवर्शियल रियलिटी टीवी शो बिग बॉस

  प्यार , तकरार , बनते बिगड़ते रिश्ते , घर को चलाने और हर दिन एक नए चैलेंज से भरा मोस्ट कंट्रोवर्शियल और लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस। इस शो के नए सीजन का दर्शक बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। बिग बॉस के अगले सीजन का आगाज़ 24 अगस्त को होने जा रहा है। यह सीजन अब तक के सभी सीज़न्स से काफी अलग होने वाला है। इस बार घर में बिग बॉस की नहीं , बल्कि घरवालों की सरकार चलेगी , जिसका ज़िक्र सलमान खान ने भी शो के प्रोमो में किया है। लेकिन , अब कुछ रोचक अपडेट्स सामने आ रहे हैं , जो काफी दिलचस्प हैं। प्रीमियर से पहले किस तरह पूरा खेल ही पलट गया है , चलिए आपको बताते हैं कुछ खास अपडेट्स। बिग बॉस  19  की यह होगी थीम बिग बॉस के प्रोमो से ही इस सीजन की थीम और घर के अंदर होने वाली हलचल की झलक देखने को मिल रही है। प्रोमो में सलमान कहते नज़र आ रहे हैं कि इस बार घर में बिग बॉस की नहीं , बल्कि घरवालों की सरकार चलेगी। आपको बता दें कि एंट्री के बाद कंटेस्टेंट्स को दो ग्रुप में बांट दिया जाएगा मतलब बिग बॉस के घर में दो पार्टियां बनेंगी। शो पॉलिटिकल थीम पर बनाया गया है। दोनों पार्टियां अपना प्रतिनिधि चुनेंग...

अलविदा आम, तुम्हारा इंतज़ार रहेगा, अगले मौसम में मिलेंगे

  आम फलों का राजा है , अलसाई गर्मी की दोपहर का एक साथी। गर्मी के मौसम में जब आता है तो झुलसती हुई गर्मी के साथ अपनी ठंडी मिठास भी लेकर आता है। लेकिन अब वक़्त है इस मौसम में इसे अलविदा कहने का। वो लोग जो सच्चे आम प्रेमी हैं वो आम को ढूंढ ढूंढ कर उसे खा रहे हैं। यह सोचकर कि अब अगली गर्मी में इसे खाएंगे। इस फल की ख़ासियत है कि इसका मज़ा आप सिर्फ अपनी टेस्टबड्स में महसूस नहीं करते। यह आपको यादों के गलियारे में भी लेकर जाता है। इसके साथ नानी का घर याद आता है। बचपन के साथी याद आते हैं। और फ्रिज नहीं होने के दौर में वो आम से लबालब बाल्टी याद आती है। ओह तुम कितने प्यारे हो आम। देसी है अपना आम आम बेशक राजा है लेकिन इसकी फ़ितरत हम मिडिल क्लास लोगों की तरह है। शायद यही वजह है कि राजा होने के बावजूद भी यह हर आम और ख़ास के दिल पर राज़ करता है। कुछ लोग इसे बहुत ही नाज़ाक़त के साथ खाना पसंद करते हैं लेकिन अक्सर लोगों को आपने इसे रफ एंड टफ अंदाज़ में खाते हुए देखा होगा। इसे लोग बिना काटे चूस कर खाना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं इसे बिना किसी हिसाब किताब के दो तीन चार जितने मर्जी खाते हैं। अक्सर आम के साथ लो...

क्या आप जानना चाहते हैं कि लॉर्ड माउंटबेटन कौन सी मूवी देख रहे थे जब हिंदुस्तान आज़ाद हो रहा था?

  15 अगस्त 1947 हम सब हिंदुस्तानियों के लिए जश्न का दिन है। दो सौ साल की ब्रिटिश सल्तनत की गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर आज ही के दिन हिंदुस्तान ने अपनी आज़ादी की तहरीर लिख दी थी। एक ओर जहां पूरे भारत में जश्न का माहौल था। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रेडियो पर कहा था कि "आज रात 12 बजे , जब सारी दुनिया सो रही होगी , भारत जीवन और स्वतंत्रता की नई व उजली चमकती सुबह के साथ उठेगा।" और हुआ भी वहीं भारत एक नई चमकती सुबह के साथ उठा। लेकिन वहीं दिल्ली में लॉर्ड माउंटबेटन के लिए भारत की यह आज़ादी अपनी सत्ता को छोड़ने की एक कहानी भी लिख रही थी। वॉयसरॉय जानते थे कि अब जो उनका निवास स्थान वॉयसरॉय हाउस को एक नया नाम मिलने वाला है भारत का राष्ट्रपति भवन। अब सब कुछ बदलने को तैयार था , और इस समय माउंटबेटन अपनी पत्नी के साथ बॉब होप की एक मूवी देख रहे थे माय फेवरिट ब्रुनेट । इस बात का ज़िक्र हमें अमेरिका के न्यूज़पेपर के आर्टिकल में मिलता है। इस आर्टिकल में वॉयसरॉय के अंदर चलने वाली कशमकश और भारत में आज़ादी के जोश के बारे में बहुत विस्तार से लिखा गया है। बहुत ख़ामोशी थी बेशक वॉयसरॉय के घर में बहुत ख़ामोश...

रैंप वॉक तो बहुत देखी होगी, लेकिन कभी देखी है आपने एलिफेंट रैंप वॉक?

  फैशन और उसमें की जाने वाली रैंप वॉक का अपना ही एक्सपीरियंस है। कैट वॉक करती मॉडल्स को देखना और लास्ट में शो स्टॉपर का डिजाइनर के साथ आना फैशन इंडस्ट्री का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन वर्ल्ड एलिफेंट डे यानी कि 12 अगस्त को जयपुर के हाथी गांव में कुछ अलग होने वाला है। इस बार रैंप पर मॉडल्स नहीं बल्कि हमारे प्यारे एलिफेंट वॉक करेंगे। जयपुर में होने जा रहा अपनी तरह का यह अनूठा शो आमजन के लिए निशुल्क है। यह शो दोपहर तीन बजे से शुरू होगा , जिसमें पंद्रह हाथी रैंप पर वॉक करेंगे। इस फैशन शो का उद्देश्य हाथियों के प्रति जागरूकता और संवेदना को विकसित करना है। परंपरा के साथ फैशन यह शो तो भले ही पहली बार हो रहा है लेकिन हाथियों को सजाने की परंपरा जयपुर में राजशाही के ज़माने से है , जहां हाथियों की सूंड को प्राकृतिक रंगों से सजाकर उन्हें पाजेब और झूल पहनाया जाता था। आपको बता दें कि हाथियों की पोशाक को झूल कहा जाता है। इस बार होने वाले फैशन शो में आपको अपने प्यारे हाथी गंठा , सिरी , पाजेब के साथ सजे-धजे नजर आएंगे। हथिनी चंदा , रानी और मारुति भी अन्य हाथियों के साथ रैंप वॉक करेंगी। पांच पीढ़ियों न...

ओटीटी पर मौजूद ये वेब सीरीज टीनएजर्स के‍ लिए हैं परफेक्ट बिंज वॉच

  टीनएजर्स के लिए ओटीटी पर कंटेंट की वैसे तो कमी नहीं है। लेकिन नब्बे के दशक के पेरेंट्स उनके दौर जैसे साफ-सुथरे शोज को अपने बच्चों के लिए तरजीह देते हैं। पेरेंट्स ओटीटी पर मौजूद कंटेंट में बच्चों के देखने लायक कंटेंट ढूंढने की कोशिश करते हैं जो कि काफी कम हैं। जिसकी वजह से बच्चों की सीरीज या उनके स्क्रीन पर नजर बनाए रखने का काम भी पेरेंट्स को करना पड़ता है। मगर ओटीटी पर कुछ ऐसी वेब सीरीज भी हैं जिन्हें बच्चे देख सकते हैं और आपको उन पर नजर रखने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। आप चाहें तो बच्चों के साथ इन सीरीज का आनंद उठा उनके स्क्रीन बडी भी बन सकते हैं। जस्ट ऐड मैजिक प्राइम वीडियो पर मौजूद ये वेब सीरीज ट्वीन्‍स को पसंद आएगी। इस सीरीज में मैजिक के साथ दोस्ती की कहानी दिखाई गई है। सीरीज में तीन दोस्तों को एक मैजिकल कुकिंग बुक मिलती है , जिसमें समस्याओं का मैजिकल सॉल्यूशन मौजूद है। इस बुक के सहारे वे अपनी लाइफ की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाती हैं। लेकिन उन्हें उस बुक से जुड़े रहस्यों का अंदाजा ही नहीं होता। उनकी मुश्किलें तब बढ़ जाती हैं जब उन्हें पता चलता है कि वो किताब पहले उनकी दादी के प...

ग्लोबल फुटप्रिंट पर राजस्थानी महक घेवर ने बनाई अपनी पहचान

  राजस्थान के ज़ायके की अपनी एक अलग पहचान है। चाहे दाल बाटी चूरमा हो , कैर-सांगरी की सब्जी , लाल मांस , मिर्च के टिपारे , लहसुन की चटनी — अगर आप कभी न कभी राजस्थान आए हैं या राजस्थान की महक के बारे में सुना होगा तो आपने इस स्वाद को भी चखा होगा। ऐसा ही स्वाद से भरपूर और परंपराओं से भरी इस माटी की एक पारंपरिक मिठाई है घेवर । जो वैसे तो अब साल भर ही मिलता है लेकिन सावन में इसके स्वाद का अपना एक अलग ही आनंद है। लेकिन अब इसी पारंपरिक मिठाई ने ग्लोबल लेवल पर अपना एक सिग्नेचर छोड़ दिया है। ऐसे मिली पहचान हुआ यूं कि ऑस्ट्रेलिया के मास्टरशेफ में एक प्रतियोगी ने इसे बनाया — दीपेंद्र छिब्बड़ ने इसे बनाया — और प्रतियोगिता के जजों ने न केवल इसे एप्रिशिएट किया बल्कि यह "बॉस रेसिपी" का खिताब भी अपने नाम करने में कामयाब रहीं। जज हैरान रह गए जब उन्हें इसके प्रोसेस के बारे में पता चला कि किस तरह एक बर्फ की मानिंद ठंडे मैदे के बैटर को बड़ी ही कारीगरी से गर्म तेल में आहिस्ता-आहिस्ता डाला जाता है और वह एक प्रॉपर शेप में जाली का आकार लेता है। वक्त भी है ,  मौका भी है ,  दस्तूर भी इस वक्त ग्लोब...