Skip to main content

क्या आप जानना चाहते हैं कि लॉर्ड माउंटबेटन कौन सी मूवी देख रहे थे जब हिंदुस्तान आज़ाद हो रहा था?

 15 अगस्त 1947 हम सब हिंदुस्तानियों के लिए जश्न का दिन है। दो सौ साल की ब्रिटिश सल्तनत की गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर आज ही के दिन हिंदुस्तान ने अपनी आज़ादी की तहरीर लिख दी थी। एक ओर जहां पूरे भारत में जश्न का माहौल था। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रेडियो पर कहा था कि "आज रात 12 बजे, जब सारी दुनिया सो रही होगी, भारत जीवन और स्वतंत्रता की नई व उजली चमकती सुबह के साथ उठेगा।" और हुआ भी वहीं भारत एक नई चमकती सुबह के साथ उठा।

लेकिन वहीं दिल्ली में लॉर्ड माउंटबेटन के लिए भारत की यह आज़ादी अपनी सत्ता को छोड़ने की एक कहानी भी लिख रही थी। वॉयसरॉय जानते थे कि अब जो उनका निवास स्थान वॉयसरॉय हाउस को एक नया नाम मिलने वाला है भारत का राष्ट्रपति भवन। अब सब कुछ बदलने को तैयार था, और इस समय माउंटबेटन अपनी पत्नी के साथ बॉब होप की एक मूवी देख रहे थे माय फेवरिट ब्रुनेट। इस बात का ज़िक्र हमें अमेरिका के न्यूज़पेपर के आर्टिकल में मिलता है। इस आर्टिकल में वॉयसरॉय के अंदर चलने वाली कशमकश और भारत में आज़ादी के जोश के बारे में बहुत विस्तार से लिखा गया है।

बहुत ख़ामोशी थी

बेशक वॉयसरॉय के घर में बहुत ख़ामोशी थी लेकिन दिल्ली में उसके पास स्थित चैंबर ऑफ कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली जो काफी साल तक भारत की संसद रही है वो काफी मात्रा में लोग जमा थे और रात के 12 बजने का इंतज़ार कर रहे थे। उस दिन मौसम बहुत ख़राब था। बारिश के बाद बहुत उमस हो रही थी लेकिन कहते हैं ना जब भीतर का मौसम अच्छा हो तो फिर कुछ फ़र्क ही नहीं पड़ता कि बाहर का वातावरण कैसा है। आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री अपना ऐतिहासिक भाषण Tryst With Destiny दे रहे थे। उस वक़्त की बात करें तो लग ही नहीं रहा था कि यह समय आधी रात का है। मंदिरों में घंटियां बज रही थीं, रावण दहन हो रहा था और आज़ाद भारत मुस्कुरा रहा था।

और वॉयसरॉय

वहीं दूसरी ओर वॉयसरॉय रात के 12 बजे यह सोच रहे थे कि अब कुछ समय और जब एक सत्ता हाथ से जाने वाली है लेकिन उस ऊहापोह के बीच वो मूवी देख रहे थे माय फेवरिट ब्रुनेट। यह फिल्म एक जासूसी पैरोडी है। इसमें बॉब होप एक बाल फोटोग्राफर की भूमिका निभाते हैं, जिसे ग़लती से एक निजी जासूस समझ लिया जाता है। फिल्म में, वह एक रहस्यमय महिला और कई बदमाशों के साथ उलझ जाता है, जो अपनी योजनाओं को विफल करने की कोशिश में उसे फंसाने की कोशिश करते हैं। फिल्म में, होप एक ख़तरनाक जासूस, एक हत्या और एक ग़लत हत्या के आरोप में फांसी की सज़ा का सामना करता है। इस कहानी में एक लड़की भी है जो अपनी खूबसूरत अदाओं से आदमियों को एक ख़तरनाक साज़िश का हिस्सा बना देती है। इस फिल्म को आप नीचे दिए गए लिंक पर देख सकते हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=VP_UHTq0EJI

चर्चा फिर कभी

फिल्म की चॉइस चाहे जो हो लेकिन सच यही था कि अब सभी कुछ बदलने का वक़्त आ चुका था। माउंटबेटन ने बाद में बताया कि जब रात को 12 बजने वाले थे तब मैं सोच रहा था कि चंद और, चंद और मिनट। अभी कुछ और मिनटों तक मैं इस धरती का सबसे ताकतवर इंसान हूं। ख़ैर वॉयसरॉय का पद छोड़ने के बाद आज़ाद भारत में वो भारत में गवर्नर जनरल के पद पर रहे। बतौर वॉयसरॉय वो कैसे थे उसके बारे में चर्चा फिर कभी। आज बस आप इस फिल्म का आनंद लें जो भारत के अंतिम वॉयसरॉय ने देखी थी।

इस तरह के और लेख पढ़ने के लिए हमारी केटेगरी "अपना ज्ञान" पर क्लिक करें।

Comments

Popular posts from this blog

‘नेशनल अवॉर्ड’ आधी प्राइज मनी हारकर भी शाहरुख खान बने बाजीगर

  ‘ हारकर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं ’ शाहरुख खान की फिल्म बाजीगर का ये डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। ये डायलॉग बड़े पर्दे पर बोल सालों से फिल्मी दुनिया पर राज करने वाले किंग खान असल जिंदगी में भी बाजीगर ही हैं। मुंबई में फिल्मी सफर शुरू करने से लेकर सफलता के शिखर तक उन्हें कई बार हार देख उसे जीत में बदला। जब उनपर फ्लॉप फिल्मों का टैग लगा उसके बाद उन्होंने खुद को वापस एक्शन हीरो के रूप में स्थापित कर दर्शकों को प्रभावित किया। सालों के फिल्मी करियर और सफल फिल्मों के बाद अब किंग खान को नेशनल अवॉर्ड मिला। उनकी सालों की मेहनत रंग तो लाई लेकिन ये जीत आधी ही उनके हिस्से आई। बेस्ट एक्टर अवॉर्ड में प्राइज मनी के रूप में मिलने वाली धनराशि आधी ही मिली। क्या आप जानते हैं कि अवॉर्ड मिलने के बावजूद उन्हें आधी धनराशि क्यों मिली। आइए बताते हैं आपको इस बारे में। शाहरुख और विक्रांत मैसी को बेस्ट एक्टर अवॉर्ड है वजह 71 वें नेशनल अवॉर्ड में शाहरुख खान को जवान फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर अवॉर्ड दिया गया है। फिल्मी दुनिया में उनके 33 साल के सफर में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दी। यही नहीं...

बाबा मेरे घर लौटने की गुंजाइश को बनाए रखिएगा

  हम सब जो अपनी जिंदगी में पेरेंट्स बनते हैं और पेरेंट्स बनकर जब हम रिश्तों की और मोहब्बत की बारहखड़ी को समझते हैं। उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बच्चे हमारी मोहब्बत तो होते ही हैं लेकिन वो हमारी जिम्मेदारी भी होते हैं। उन्हें अच्छा पढ़ाना लिखाना , उनकी फीस देना। उनके लिए कौन सा कॉलेज सही रहेगा और नहीं हम इन बातों में उलझे रहते हैं। हमें मज़ा भी आता है। कोई हमसे कुछ कहता नहीं है लेकिन कहीं ना कहीं हम अपने बच्चों की खुशी में ही खुशियां ढूंढने लगते हैं। और जब बात उनकी शादी की होती है तो वो चीज हमें एक पेरेंट होने के नाते यह अहसास करा देती है कि बच्चे अब बड़े हो गए और हम जिम्मेदारी से मुक्त हो गए। लेकिन शायद यहीं हम कुछ चूक जाते हैं। उनका परिवार है चाहे बेटा हो या बेटी हम सब इस बात को समझते हैं कि बच्चों की शादी हो जाती है तो वो बड़े हो जाते हैं। वो अपने बच्चों के साथ आगे बढ़ते हैं और उन्हें इस तरह बढ़ता हुआ देखना हमें पसंद होता है। लेकिन बच्चों को इस बात का अहसास कराइए कि आप उनके लिए हमेशा हैं। अगर वो परेशान हैं तो आपके साथ अपनी तकलीफें वो जब चाहें तब साझा कर सकते हैं। ऐसा न...

आर्यन खान हैं पिता शाहरूख की तरह ही बातों से दिल जीतने में माहिर

  बॉलीवुड के किंग खान सदियों से न सिर्फ पर्दे पर बल्कि लोगों के दिलों पर भी राज करते आ रहे हैं। इसकी वजह सिर्फ उनकी अदाकारी ही नहीं है। उनकी शख्सियत के लोग दीवाने हैं। फिर चाहे वो उनका बात करने का अंदाज़ हो या फिर लोगों के साथ उनका बर्ताव। बॉलीवुड में चाहे वो कोई सपोर्टिव कलाकार हो या बड़ा कलाकार सभी शाहरूख के अदब और सलीके के क़ायल हैं। यही झलक उनके बेटे आर्यन में भी देखने को मिली। आर्यन अपनी आने वाली वेब सीरीज ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के प्रीव्यू के मौके पर पहली बार मीडिया से रूबरू हुए। पहले इवेंट में ही वे न सिर्फ मीडिया बल्कि प्रीव्यू में शामिल सभी लोगों पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। आर्यन की वेब सीरीज के प्रीव्यू में जहां बड़े-बड़े सितारे उनकी काबिलियत के कसीदे गढ़ते थक नहीं रहे थे , वहीं आर्यन विनम्रता से अपनी कमियों के साथ लोगों से उनकी गलतियों को अनदेखा करने की गुज़ारिश कर रहे थे। आइए जानते हैं किंग खान के बेटे आर्यन में आखिर क्या समानता देखने को मिली। पिता की तरह ही ह्यूमर के साथ माहौल बनाने में हैं माहिर शाहरूख खान जब भी किसी इवेंट की कमान संभालते हैं , उनके ह्यूमर से उस इवेंट...