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चलो बचपन वाली दोस्ती फिर से कर लेते हैं

  हर साल अगस्त के पहले संडे को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। फ्रेंड्स की हमारी ज़िंदगी में क्या अहमियत है यह बात किसी से छिपी नहीं है। बनती-बिगड़ती इस आपाधापी से भरी ज़िंदगी में दोस्त ही तो होते हैं जो हमारे लिए किसी ठंडी मीठी हवा से कम नहीं होते। अगर आप उनमें से हैं जिनकी स्कूल-कॉलेज के ज़माने की दोस्तियां आपकी ज़िंदगी में आज भी कायम हैं तो आप बहुत किस्मत वाले हैं। बचपन वाले हमारे उन दोस्तों की बात ही अलग है। उनके साथ बैठना , बातें करना अपने आप में एक बहुत बड़ी स्ट्रेस बस्टर थेरेपी है। लेकिन इस दोस्ती को संभालकर रखने की भी ज़रूरत है। जानते हैं वो बातें जो आपकी दोस्ती को बनाएंगी और गहरा। शिकायतों को कहें बाय अब हम सभी लोग ज़िंदगी में इतने बिजी हैं कि बैठकर बातें कर लें यही बहुत है। अब आप अपने बेस्ट फ्रेंड से भी यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वो आपको बहुत टाइम दे। इसलिए टाइम को लेकर एक-दूसरे को उलहाना ना दें। बल्कि इन शिकायतों को अपनी ज़िंदगी से बाय ही कह दीजिए। जो भी वक़्त मिले आपको एक-दूसरे के साथ उसे जी भर के जी लिजिए। अगर वक़्त की कमी के चलते मिल भी नहीं पा रहे तो भी कोई बात नहीं , एक-दूसरे की ख़ै...